क्या आप मकान या जमीन खरीदने जा रहे हैं? रजिस्ट्री ऑफिस जाने से पहले पैन कार्ड (PAN Card) से जुड़े इन 5 नियमों को जान लें। बिना पैन कार्ड के कितनी प्रॉपर्टी खरीद सकते हैं और कब कटता है 1% TDS, जानिए पूरी जानकारी।
प्रस्तावना: प्रॉपर्टी और पैन कार्ड का गहरा रिश्ता
नमस्ते दोस्तों! अपना खुद का घर या जमीन खरीदना हर किसी का सपना होता है। इसके लिए हम सालों-साल बचत करते हैं। लेकिन पिछले कुछ सालों में मैंने गौर किया है कि लोग जमीन के कागजात और पैसों का इंतजाम तो कर लेते हैं, मगर पैन कार्ड से जुड़े छोटे-छोटे नियमों को नजरअंदाज कर देते हैं।
मेरे अनुभव के अनुसार, रजिस्ट्री के वक्त पैन कार्ड न होना या उसमें गलती होना आपकी पूरी डील को खतरे में डाल सकता है। अब आप सोच रहे होंगे कि “पैन कार्ड तो सिर्फ बैंक के लिए होता है, जमीन की रजिस्ट्री में इसका क्या काम?” साफ शब्दों में कहें तो, इनकम टैक्स विभाग अब हर बड़ी प्रॉपर्टी डील पर कड़ी नजर रखता है। इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि रजिस्ट्री के समय पैन कार्ड क्यों जरूरी है और इसके बिना आप कितनी बड़ी मुसीबत में फंस सकते हैं।
संक्षिप्त विवरण: प्रॉपर्टी रजिस्ट्री और पैन कार्ड नियम (Table)
| प्रॉपर्टी का मूल्य | पैन कार्ड की अनिवार्यता | TDS (Tax Deducted at Source) |
| ₹5 लाख से कम | जरूरी नहीं (मगर देना बेहतर है) | कोई TDS नहीं |
| ₹5 लाख से ₹50 लाख | अनिवार्य (Mandatory) | कोई TDS नहीं |
| ₹50 लाख से अधिक | अनिवार्य | 1% TDS काटना जरूरी |
| पैन कार्ड न होने पर | फॉर्म 60 भरना होगा | सीधा 20% TDS (अगर लागू हो) |
1. कितनी कीमत की प्रॉपर्टी पर पैन कार्ड अनिवार्य है?
क्या आप जानते हैं? आयकर नियमों के अनुसार, यदि आप ₹5 लाख से अधिक मूल्य की कोई भी अचल संपत्ति (मकान, दुकान या जमीन) खरीद रहे हैं या बेच रहे हैं, तो दोनों पक्षों (खरीदार और विक्रेता) का पैन कार्ड होना अनिवार्य है। मैने खुद इस पोर्टल को चेक किया और पाया कि सब-रजिस्ट्रार ऑफिस में अब बिना पैन कार्ड के दस्तावेजों को प्रोसेस करना बहुत मुश्किल हो गया है।
यहाँ आपको एक बात का खास ख्याल रखना होगा कि यह ₹5 लाख की सीमा बहुत कम है, और आज के समय में लगभग हर रजिस्ट्री इस दायरे में आती है। अगर सच कहूँ तो, अगर आप ₹5 लाख से कम की भी जमीन ले रहे हैं, तो भी पैन कार्ड देना एक समझदारी भरा कदम है ताकि भविष्य में इनकम टैक्स की तरफ से कोई स्पष्टीकरण न मांगा जाए। मेरी राय में, प्रॉपर्टी के लेन-देन को हमेशा पारदर्शी रखना ही सबसे अच्छा तरीका है।
पैन कार्ड बनवाने और उसे अपडेट रखने की पूरी जानकारी के लिए हमारी इस पैन कार्ड मास्टर गाइड को जरूर पढ़ें, जो आपकी रजिस्ट्री में बहुत काम आएगी।
2. ₹50 लाख से ऊपर की डील और 1% TDS का पेंच
ज्यादातर लोग यहाँ एक बड़ी गलती करते हैं, वे सोचते हैं कि रजिस्ट्री की फीस दे दी तो काम खत्म हो गया। जब मैंने इसके बारे में और रिसर्च की, तब मुझे पता चला कि यदि आपकी प्रॉपर्टी की कीमत ₹50 लाख या उससे ज्यादा है, तो खरीदार को विक्रेता को भुगतान करते समय 1% TDS काटना होता है।
सावधान! इस 1% TDS को सरकारी खजाने में जमा करने के लिए खरीदार और विक्रेता दोनों के पास ‘Active’ पैन कार्ड होना जरूरी है। जल्दबाजी न करें, पहले इसे समझ लें—अगर विक्रेता (Seller) अपना पैन कार्ड नहीं देता है, तो यह TDS दर 1% से बढ़कर सीधे 20% हो सकती है। ईमानदारी से कहूँ तो, यह तरीका थोड़ा मुश्किल हो सकता है अगर आप आखिरी वक्त पर पैन कार्ड के लिए दौड़-भाग करेंगे। इसलिए डील पक्की करने से पहले ही सामने वाले का पैन नंबर मांग लें और उसे वेरीफाई कर लें।
3. अगर पैन कार्ड नहीं है, तो क्या फॉर्म 60 से काम चलेगा?
अक्सर स्टूडेंट्स मुझसे पूछते हैं कि “सर, मेरे दादाजी के पास पैन कार्ड नहीं है और उन्हें जमीन बेचनी है, तो क्या होगा?” इसका सीधा सा मतलब यह है कि आपको ‘फॉर्म 60’ (Form 60) का सहारा लेना होगा। चलिए, मैं आपको इसे और आसान तरीके से समझाता हूँ… फॉर्म 60 उन लोगों के लिए है जिनके पास पैन कार्ड नहीं है, लेकिन वे बड़ी ट्रांजैक्शन कर रहे हैं।
मगर यहाँ एक पेंच है! मेरी राय में, फॉर्म 60 भरना एक ‘Red Flag’ की तरह हो सकता है। इनकम टैक्स विभाग ऐसे ट्रांजैक्शंस की ज्यादा बारीकी से जांच करता है। मुझे ऐसा लगता है कि यह कदम (पैन कार्ड न बनवाना) आपको भविष्य में नोटिस दिला सकता है। साफ शब्दों में कहें तो, फॉर्म 60 एक वैकल्पिक व्यवस्था है, लेकिन स्थाई समाधान नहीं। मेरी सलाह है कि रजिस्ट्री से पहले एक नया पैन कार्ड बनवा लें, जो अब सिर्फ 10 मिनट में ऑनलाइन बन जाता है।
4. जॉइंट रजिस्ट्री (Joint Property) में पैन कार्ड के नियम
कुल मिलाकर बात यह है कि अगर आप पति-पत्नी या किसी पार्टनर के साथ मिलकर प्रॉपर्टी खरीद रहे हैं, तो क्या दोनों का पैन कार्ड लगेगा? जवाब है—हाँ! यहाँ आपको एक बात का खास ख्याल रखना होगा कि रजिस्ट्री डीड में जितने भी खरीदारों और विक्रेताओं के नाम होंगे, उन सभी के पैन नंबर और आधार नंबर वहां दर्ज होने चाहिए।
ज्यादातर लोग यहाँ एक बड़ी गलती करते हैं कि वे सिर्फ मुख्य खरीदार का पैन दे देते हैं। ईमानदारी से कहूँ तो, अगर आप जॉइंट प्रॉपर्टी ले रहे हैं और किसी एक का भी पैन कार्ड लिंक नहीं है या गलत है, तो पूरी रजिस्ट्री की प्रक्रिया अटक सकती है। मेरी एक छोटी सी सलाह है कि एग्रीमेंट टू सेल (बयाना) होने के समय ही सभी पक्षों के पैन कार्ड की फोटोकॉपी ले लें ताकि रजिस्ट्री के दिन सब-रजिस्ट्रार ऑफिस में कोई हंगामा न हो।
5. आधार-पैन लिंकिंग और ‘Inoperative’ पैन का खतरा
सावधान! किसी भी फर्जी लिंक पर क्लिक न करें जो आपको पैन अपडेट करने का लालच देते हों, लेकिन रजिस्ट्री से पहले यह चेक जरूर कर लें कि आपका पैन आधार से लिंक है या नहीं। जब मैंने इसके बारे में और रिसर्च की, तब मुझे पता चला कि अगर आपका पैन कार्ड ‘Inoperative’ (निष्क्रिय) है, तो उसे “बिना पैन कार्ड” के ही माना जाएगा।
इसका सीधा सा मतलब यह है कि निष्क्रिय पैन कार्ड होने पर आपसे ज्यादा टैक्स वसूला जाएगा और आपकी रजिस्ट्री कानूनी रूप से उलझ सकती है। जल्दबाजी न करें, पहले इसे समझ लें—रजिस्ट्री ऑफिस का सॉफ्टवेयर अब सीधे इनकम टैक्स डेटाबेस से जुड़ा होता है। जैसे ही वे आपका पैन नंबर डालेंगे, वहां आपकी लिंकिंग स्टेटस दिख जाएगी। कुल मिलाकर बात यह है कि एक छोटी सी लापरवाही आपकी रजिस्ट्री की लागत को बढ़ा सकती है।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. क्या खेती की जमीन (Agricultural Land) की रजिस्ट्री के लिए भी पैन कार्ड जरूरी है?
जी हाँ, यदि खेती की जमीन की कीमत ₹5 लाख से अधिक है, तो पैन कार्ड या फॉर्म 60 देना अनिवार्य है। ग्रामीण इलाकों में भी अब यह नियम सख्ती से लागू है।
Q2. अगर मैंने पैन कार्ड की जानकारी गलत दे दी तो क्या होगा?
आयकर अधिनियम के तहत गलत पैन जानकारी देने पर ₹10,000 तक का जुर्माना लग सकता है और आपकी रजिस्ट्री को ‘अवैध’ घोषित करने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।
Q3. क्या NRI (प्रवासी भारतीय) को भी रजिस्ट्री के लिए पैन कार्ड चाहिए?
हाँ, भारत में प्रॉपर्टी खरीदने या बेचने के लिए NRI के पास भी पैन कार्ड होना जरूरी है। यदि उनके पास पैन नहीं है, तो वे भारत में इसके लिए आवेदन कर सकते हैं।
निष्कर्ष: सुखी रजिस्ट्री के लिए मेरी अंतिम सलाह
कुल मिलाकर बात यह है कि प्रॉपर्टी खरीदना आपके जीवन का एक बड़ा वित्तीय फैसला है। अब आप सोच रहे होंगे कि इतने सारे नियमों को कैसे याद रखें? साफ शब्दों में कहें तो, बस इतना याद रखिए कि आपकी हर जानकारी सही और अपडेटेड होनी चाहिए।
मेरी एक छोटी सी सलाह है कि रजिस्ट्री की तारीख से एक हफ्ता पहले अपने वकील या दस्तावेज़ लेखक (Document Writer) से मिलकर पैन कार्ड की स्थिति वेरीफाई करवा लें। अगर आपको यह जानकारी उपयोगी लगी, तो इसे अपने उन मित्रों के साथ जरूर साझा करें जो घर बनाने या जमीन खरीदने का सपना देख रहे हैं।
Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। प्रॉपर्टी के नियम और टैक्स की दरें आपके राज्य और समय के अनुसार बदल सकती हैं। किसी भी रजिस्ट्री प्रक्रिया से पहले अपने वकील या कानूनी सलाहकार से परामर्श जरूर लें।
पैन कार्ड से जुड़ी किसी भी समस्या का मास्टर समाधान यहाँ है: पैन कार्ड मास्टर गाइड 2026
