How to Split Samagra Family ID Online 2026: एक ही आईडी से दो परिवार कैसे बनाएं? यहाँ देखें नया परिवार पंजीकरण और जरूरी Documents

क्या आप शादी के बाद अपना नाम पुरानी समग्र आईडी से हटवाना चाहते हैं या अपने परिवार की अलग आईडी (Family Split) बनवाना चाहते हैं? जानिए 2026 के नए नियमों के साथ नाम हटाने और परिवार को अलग करने की पूरी ऑनलाइन और ऑफलाइन प्रक्रिया।

प्रस्तावना: परिवार अलग करना अब हुआ डिजिटल

नमस्ते दोस्तों! मध्य प्रदेश में रहने वाले परिवारों के लिए समग्र आईडी सिर्फ एक कागज का टुकड़ा नहीं, बल्कि हर योजना की चाबी है। पिछले कुछ सालों में मैंने गौर किया है कि जब घर में भाइयों की शादी हो जाती है या परिवार बढ़ जाता है, तो लोग अपना अलग राशन कार्ड बनवाने के लिए अपनी ‘परिवार समग्र आईडी’ को भी अलग करना चाहते हैं।

मेरे अनुभव के अनुसार, समग्र आईडी से नाम हटवाना या परिवार को विभाजित (Split) करना सबसे पेचीदा काम माना जाता है। अब आप सोच रहे होंगे कि “क्या इसके लिए मुझे तहसील के चक्कर लगाने होंगे?” साफ शब्दों में कहें तो, अब सरकार ने इसकी प्रक्रिया को काफी पारदर्शी बना दिया है। इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि आप अपनी पुरानी आईडी से नाम कैसे कटवा सकते हैं और नई परिवार आईडी के लिए आवेदन कैसे कर सकते हैं। चलिए, मैं आपको इसे और आसान तरीके से समझाता हूँ…

संक्षिप्त विवरण: समग्र परिवार विभाजन और नाम विलोपन (Table)

कार्य का प्रकारमुख्य कारणआवश्यक दस्तावेज
नाम हटाना (Deletion)मृत्यु या शादी (विवाह)मृत्यु प्रमाण पत्र / विवाह प्रमाण पत्र
परिवार अलग करना (Split)आपसी सहमति / अलग रसोईआधार कार्ड, स्वयं का घोषणा पत्र
सदस्य स्थानांतरण (Transfer)एक आईडी से दूसरी में जानाई-केवाईसी (e-KYC), सहमति पत्र
अप्रूवल अथॉरिटीसचिव / वार्ड प्रभारीजनपद पंचायत / नगर निगम

1. समग्र आईडी से नाम हटाने के मुख्य कारण और नियम

क्या आप जानते हैं? समग्र आईडी से किसी का नाम हटाना इतना भी आसान नहीं है कि आप बस ‘Delete’ बटन दबा दें। मैने खुद इस पोर्टल को चेक किया और पाया कि नाम हटाने के केवल दो ही मुख्य कानूनी आधार हैं: पहला सदस्य की मृत्यु और दूसरा सदस्य का विवाह होकर किसी दूसरे परिवार में जाना।

यहाँ आपको एक बात का खास ख्याल रखना होगा कि बिना किसी ठोस प्रमाण के आप किसी जीवित सदस्य का नाम आईडी से नहीं हटवा सकते। अगर सच कहूँ तो, अगर आप बिना वजह नाम हटवाने की कोशिश करेंगे, तो आपकी रिक्वेस्ट ‘सब-रजिस्ट्रार’ स्तर पर रिजेक्ट कर दी जाएगी। मेरी राय में, नाम हटाने की प्रक्रिया को ‘सदस्य विलोपन’ कहा जाता है, और इसके लिए आपको संबंधित सदस्य का मृत्यु प्रमाण पत्र या मैरिज सर्टिफिकेट पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होता है।

समग्र आईडी के अन्य सुधारों और मास्टर गाइड की जानकारी के लिए आप हमारी समग्र आईडी मास्टर गाइड पर जा सकते हैं, जहाँ मैंने आईडी से जुड़े हर छोटे काम की जानकारी दी है।

2. परिवार को अलग (Family Split) करने की ऑनलाइन प्रक्रिया

अक्सर स्टूडेंट्स मुझसे पूछते हैं कि “सर, हम दो भाई हैं और अब अपनी अलग आईडी बनवाना चाहते हैं, तो क्या करें?” इसका सीधा सा मतलब यह है कि आप एक ‘संयुक्त परिवार’ (Joint Family) से ‘विभक्त परिवार’ (Split Family) बनाना चाहते हैं। जब मैंने इसके बारे में और रिसर्च की, तब मुझे पता चला कि समग्र पोर्टल पर ‘परिवार को विभाजित करें’ का विकल्प दिया गया है।

जल्दबाजी न करें, पहले इसे समझ लें—इस प्रक्रिया में आपको उन सदस्यों को चुनना होता है जो पुराने परिवार से अलग होना चाहते हैं। यहाँ आपको एक बात का खास ख्याल रखना होगा कि नई आईडी बनाने के लिए एक ‘नया मुखिया’ (Head of Family) चुनना पड़ता है। ईमानदारी से कहूँ तो, यह तरीका थोड़ा मुश्किल हो सकता है अगर आपके पास अलग रहने का कोई ठोस सबूत (जैसे अलग बिजली बिल या गैस कनेक्शन) न हो। पोर्टल पर आवेदन करने के बाद, यह फाइल आपके स्थानीय निकाय (नगर निगम या पंचायत) के पास सत्यापन के लिए भेजी जाती है।

3. शादी के बाद ‘सदस्य स्थानांतरण’ (Member Transfer) कैसे करें?

ज्यादातर लोग यहाँ एक बड़ी गलती करते हैं, वे शादी के बाद लड़की का नाम पुरानी आईडी से ‘डिलीट’ करवाने की कोशिश करते हैं। साफ शब्दों में कहें तो, आपको नाम डिलीट नहीं बल्कि ‘ट्रांसफर’ करवाना चाहिए। मेरे अनुभव के अनुसार, डिलीट करवाने से उस सदस्य का सारा पुराना डेटा खत्म हो जाता है, जबकि ट्रांसफर करने से उसकी पहचान बनी रहती है।

चलिए, मैं आपको इसे और आसान तरीके से समझाता हूँ… 1. सबसे पहले लड़की की ई-केवाईसी (e-KYC) ससुराल के पते के साथ करें।

  1. ससुराल की परिवार आईडी में ‘सदस्य जोड़ें’ विकल्प पर जाएं।
  2. वहां ‘पुरानी समग्र आईडी से सदस्य जोड़ें’ का विकल्प चुनें।
  3. पुरानी आईडी और सदस्य नंबर डालकर रिक्वेस्ट भेजें।

जब मैंने इसके बारे में और रिसर्च की, तब मुझे पता चला कि जैसे ही नई पंचायत इस रिक्वेस्ट को अप्रूव करती है, नाम पुरानी आईडी से अपने आप हट जाता है। मेरी एक छोटी सी सलाह है कि इस काम में जल्दबाजी न करें, क्योंकि इसमें दोनों क्षेत्रों के सचिवों का अप्रूवल लगता है।

4. परिवार अलग करने के लिए ऑफलाइन प्रक्रिया (नगर निगम/पंचायत)

ईमानदारी से कहूँ तो, यह तरीका थोड़ा मुश्किल हो सकता है अगर आप केवल ऑनलाइन पोर्टल के भरोसे बैठे रहें। मैने खुद इस पोर्टल को चेक किया और पाया कि कई बार ऑनलाइन रिक्वेस्ट हफ़्तों तक पेंडिंग पड़ी रहती है। साफ शब्दों में कहें तो, अगर आपको काम जल्दी करवाना है, तो आपको एक लिखित आवेदन अपने वार्ड कार्यालय या ग्राम पंचायत में देना चाहिए।

यहाँ आपको एक बात का खास ख्याल रखना होगा—आवेदन के साथ आपको एक ‘शपथ पत्र’ (Affidavit) देना पड़ता है जिसमें यह लिखा हो कि “हम अब मुख्य परिवार से अलग रहते हैं और हमारी रसोई अलग है।” मुझे ऐसा लगता है कि यह कदम उन लोगों के लिए बहुत जरूरी है जो अपना अलग राशन कार्ड बनवाना चाहते हैं। सचिव आपके घर का भौतिक सत्यापन (Physical Verification) कर सकता है, उसके बाद ही आपकी नई परिवार आईडी पोर्टल पर जनरेट होगी।

5. नाम हटाने या अलग होने के बाद e-KYC की भूमिका

सावधान! किसी भी फर्जी लिंक पर क्लिक न करें जो आपको तुरंत आईडी अलग करने का दावा करें। कुल मिलाकर बात यह है कि परिवार अलग होने के बाद भी, हर सदस्य की ई-केवाईसी (e-KYC) आधार के साथ होना अनिवार्य है। अगर आपकी केवाईसी अपडेट नहीं है, तो नई आईडी बनने के बाद भी आप सरकारी योजनाओं (जैसे लाड़ली बहना) का लाभ नहीं ले पाएंगे।

अक्सर स्टूडेंट्स मुझसे पूछते हैं कि “क्या आईडी अलग होने पर हमारा पैसा रुक जाएगा?” इसका सीधा सा मतलब यह है कि आपको डर है। साफ शब्दों में कहें तो, यदि आपकी ‘DBT’ स्थिति सही है, तो आईडी बदलने से आपके खाते में आने वाले पैसे पर कोई असर नहीं पड़ता। मेरी राय में, परिवार अलग करने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि आप अपनी पात्रता के अनुसार व्यक्तिगत योजनाओं का स्वतंत्र रूप से लाभ उठा सकते हैं।

पढने के लिए धन्यवाद : समग्र पोर्टल की 10 गुप्त सेवाएं: 90% लोग नहीं जानते इनका इस्तेमाल, घर बैठे बचाएं अपने पैसे!

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1. क्या मैं अपने भाई का नाम उसकी मर्जी के बिना अपनी आईडी से हटा सकता हूँ?

जी नहीं, समग्र आईडी से नाम हटाने या अलग करने के लिए मुखिया और संबंधित सदस्य की सहमति (ओटीपी के माध्यम से) जरूरी है।

Q2. परिवार अलग होने के बाद नई आईडी कितने दिन में मिलती है?

ऑनलाइन आवेदन और सचिव के वेरिफिकेशन के बाद, आमतौर पर 10 से 15 दिनों में नई आईडी जारी कर दी जाती है।

Q3. क्या अलग आईडी बनवाने के लिए अलग मकान होना जरूरी है?

जरूरी नहीं है, लेकिन आपकी ‘रसोई’ (Chulha) अलग होनी चाहिए और आपके पास अलग रहने का वैध कारण होना चाहिए।

निष्कर्ष: सही प्रक्रिया अपनाएं और दलालों से बचें

कुल मिलाकर बात यह है कि समग्र आईडी से नाम हटाना या परिवार को अलग करना अब पूरी तरह से ‘सिस्टम आधारित’ हो गया है। यदि आप अपने दस्तावेज सही रखते हैं, तो आपको किसी भी बिचौलिये को पैसे देने की जरूरत नहीं है। साफ शब्दों में कहें तो, डिजिटल इंडिया के इस दौर में आपको अपनी आईडी का प्रबंधन खुद करना सीखना चाहिए।

मेरी एक छोटी सी सलाह है कि कोई भी रिक्वेस्ट डालने से पहले उसकी ‘पावती’ (Receipt) का प्रिंट जरूर ले लें। अगर आपको यह जानकारी काम की लगी हो, तो इसे उन लोगों के साथ जरूर शेयर करें जो शादी के बाद नाम कटवाने या नया परिवार बनाने के लिए परेशान हो रहे हैं।

Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य मार्गदर्शन के लिए है। समग्र पोर्टल के नियम मध्य प्रदेश शासन के प्रशासनिक आदेशों के अधीन हैं। किसी भी विवाद या स्पष्टीकरण के लिए कृपया अपनी स्थानीय तहसील या जनपद कार्यालय से संपर्क करें।

समग्र आईडी से जुड़ी किसी भी अन्य समस्या के समाधान के लिए यहाँ जाएँ: समग्र आईडी मास्टर गाइड 2026

 

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